101 Amendment of Indian Constitution 2016 in Hindi (101वां संविधान संशोधन)

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101 constitutional amendment

पिछले Chapter में हमने जीएसटी की विशेषताओं, कार्य-प्रणाली एवं विकास की प्रक्रिया के सन्दर्भ में जाना, चूँकि GST में भारत के सभी राज्यों का बड़ा वित्तीय हित शामिल था अतः इस प्रकार का बिल बिना कठोर संविधान संशोधन किये लागू किया जाना संभव नही था। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए 101 वां संविधान संशोधन अधिनियम 2016 (101 Amendment of Indian Constitution) पारित किया गया। इस अधिनियम को 8 सितंबर 2016 को भारत के तात्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की मंजूरी मिल गई। इस अधिनियम में कुल 20 धाराएं है, जिसके अंतर्गत धारा 20 में यह कहा गया है की GST कानून के पूरी तरह लागू होने के तिथि के 1 वर्ष के भीतर सभी राज्यों को इसे अपनाना अनिवार्य होगा। न अपनाये जाने की स्थिति में पूर्व नियोजित या पहले से लागू सभी कर अधिनियम शून्य घोषित हो जाएंगे।

GST Council

101 वें संविधान संशोधन अधिनियम को अलग-अलग भागों में लागू किया गया। सबसे पहले धारा 12  को 12 सितम्बर 2016 से लागू किया गया जिसमें GST Council के बारे में बताया गया है। यह धारा GST Council की शक्ति की व्याख्या करता है जो इस प्रकार है-

  1. GST की दर तय करने की शक्ति।
  2. किस दर में कौन सी वस्तु आएगी अर्थात ब्रैकेट तय करने की शक्ति।
  3. GST के सम्बन्ध में अन्य कोई भी निर्णय लेने की शक्ति।

GST Council की संरचना

जीएसटी काउंसिल में कुल सदस्यों की संख्या 33 होती है, जिसमे अध्यक्ष केन्द्रीय वित्त मंत्री, एक सदस्य वित्त राज्य मंत्री (जो राजस्व एवं वित्त मंत्रालय के मामलों को देखता हो) के अलावा 31 राज्यों के वित्तमंत्री (29 राज्य + दिल्ली व पांडिचेरी)

GST CouncilGST के अंतर्गत पारित कानून

GST के अंतर्गत संसद एवं राज्यों द्वारा मिलकर निम्न कानून पारित किये गए-
संसद द्वारा-

  • CGST (Central GST)
  • IGST
  • Compensation Act (क्षतिपूर्ति अधिनियम- राज्यों को GST लागू होने से होने वाली क्षतिपूर्ति के लिए)

राज्यों द्वारा (जम्मू एवं कश्मीर को छोड़कर)-

  • SGST (State GST)

क्षतिपूर्ति अधिनियम (Compensation Act)

  • जीएसटी के लागू होने के कारण राज्यों को होने वाली क्षति की पूर्ति के लिए Compensation Act लागू किया गया जिसके अंतर्गत केंद्र, राज्यों को होने वाली क्षति के लिए आने वाले 5 वर्षों तक 100% राशि उपलब्ध कराएगी।
  • ध्यान रखें क्षतिपूर्ति देने हेतु आधार वर्ष 2015-16 को माना गया है एवं प्रत्येक वर्ष में 14% की वृद्धि दर मानी गई है (चक्रवृद्धि ब्याज दर पर)
  • केंद्र सरकार क्षतिपूर्ति की यह राशि Cess या उपकार लगाकर देगी (GST Cess)
  • GST Cess का सारा पैसा क्षतिपूर्ति कोष में जमा होगा।

नोट- ध्यान रखें GST Cess केवल 28% कर की दर वाली वस्तुओं पर लगाई जाएगी।

GST से प्रभावित संवैधानिक अनुच्छेद

  • 246 (A) जोड़ा गया इस Article में केंद्र एवं राज्य सरकारों को यह शक्ति दी गई की वे GST के सम्बन्ध में कानून बनायें, जिनमें CGST व IGST के सम्बन्ध में केंद्र व SGST के सम्बन्ध में राज्यों को शक्ति दी गई।
  • 268 (A) सेवा कर से सम्बंधित अनुच्छेद ख़त्म किया गया।
  • 269 (A) जोड़ा गया इसके तहत IGST की व्यवस्था के बारे में बताया गया है। जिसके अनुसार अंतर-राज्यीय व्यापार (inter-State trade) के मामलों मे IGST के तहत Tax की वसूली केंद्र सरकार द्वारा की जाएगी जिसे बाद में राज्यों को बाँट दिया जाएगा।
  • 279 (A) जोड़ा गया यह अनुच्छेद GST Council की संरचना एवं गठन के सम्बन्ध में है।
  • संविधान की 7 वीं अनुसूची में परिवर्तन किया गया।

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